सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को एक विधवा महिला की याचिका पर केंद्र सरकार और अन्य संबंधित पक्षों से जवाब तलब किया, जिसमें उसने दुबई में मृत अपने बेटे के पार्थिव शरीर को भारत लाने में सहायता की मांग की है ताकि वह अंतिम संस्कार कर सके।
न्यायमूर्ति विक्रम नाथ और न्यायमूर्ति संदीप मेहता की पीठ ने मामले की सुनवाई करते हुए नोटिस जारी किया और अगली सुनवाई के लिए 16 मार्च की तारीख तय की।
मजदूरी के लिए गया था दुबई, दूतावास से मिली मौत की सूचना
याचिकाकर्ता की ओर से पेश वकील ने अदालत को बताया कि महिला का बेटा मजदूरी के लिए दुबई गया था। उसकी मृत्यु की जानकारी भारतीय दूतावास की ओर से फोन पर दी गई। महिला विधवा है और दुबई में उसका कोई परिचित या रिश्तेदार नहीं है जो पार्थिव शरीर को भारत भेजने में मदद कर सके।
पीठ ने पूछा कि क्या दुबई में कोई ऐसा व्यक्ति है जो शव को लाने की व्यवस्था कर सके, इस पर वकील ने कहा कि ऐसा कोई नहीं है।
मृत्यु के कारण और परिस्थितियों की जानकारी नहीं
सुनवाई के दौरान अदालत ने याचिका में मृत्यु से जुड़ी विस्तृत जानकारी न होने पर भी सवाल उठाए। अदालत ने कहा कि याचिका में यह स्पष्ट नहीं किया गया कि मौत कब और कैसे हुई, केवल इतना बताया गया है कि 4 फरवरी को फोन कॉल के जरिए इसकी जानकारी मिली।
वकील ने स्पष्ट किया कि मृत्यु 4 दिसंबर को हुई थी, लेकिन इसकी सूचना याचिकाकर्ता को दो महीने बाद मिली। उन्होंने यह भी बताया कि परिवार को अब तक मौत के कारण या परिस्थितियों के बारे में कोई अतिरिक्त जानकारी नहीं दी गई है।
अंतिम संस्कार के लिए पार्थिव शरीर भारत लाने की मांग
याचिका में अदालत से अनुरोध किया गया है कि संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया जाए ताकि पार्थिव शरीर भारत लाया जा सके और मां अपने बेटे का अंतिम संस्कार कर सके।
मामले की अगली सुनवाई 16 मार्च को होगी, जब केंद्र और अन्य पक्षों का जवाब अदालत के सामने रखा जाएगा।

