कलकत्ता हाईकोर्ट ने सोमवार को पश्चिम बंगाल सरकार को निर्देश दिया कि आर.जी. कर मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल की सुरक्षा में तैनात CISF जवानों को कोलकाता स्थित पेई मे चीनी स्कूल परिसर से 30 अप्रैल 2026 तक स्थानांतरित करने के संबंध में शपथपत्र के रूप में अंडरटेकिंग दाखिल की जाए।
न्यायमूर्ति कृष्णा राव ने यह आदेश राज्य की ओर से वैकल्पिक आवास उपलब्ध कराने के आश्वासन के बाद पारित किया।
चाइना टाउन क्षेत्र स्थित पेई मे चीनी भाषा स्कूल ने हाईकोर्ट का रुख करते हुए कहा था कि CISF जवानों के कब्जे के कारण कक्षाएं शुरू नहीं हो पा रही हैं और 17 फरवरी को होने वाले चीनी नववर्ष समारोह के लिए भी परिसर खाली कराना आवश्यक है।
अदालत द्वारा नियुक्त विशेष अधिकारी ने सूचित किया कि कुल 18 कमरों में से आठ कमरे चीनी नववर्ष समारोह के लिए स्कूल प्रबंधन को सौंप दिए गए हैं।
केंद्र सरकार की ओर से पेश अधिवक्ता ने बताया कि लगभग 130 CISF जवान पिछले एक वर्ष से स्कूल के 18 कमरों में रह रहे थे। आठ कमरे खाली करने के बाद वे 10 कमरों में ही रह रहे हैं, जिससे कई जवानों को बरामदे में सोना पड़ रहा है।
केंद्र ने अनुरोध किया कि चीनी नववर्ष के बाद और राज्य द्वारा वैकल्पिक व्यवस्था होने तक CISF को अस्थायी रूप से उन आठ कमरों का उपयोग करने की अनुमति दी जाए।
राज्य की ओर से अतिरिक्त महाधिवक्ता अमल कुमार सेन ने अदालत को बताया कि CISF के लिए वैकल्पिक परिसर उपलब्ध कराने की प्रक्रिया जारी है और 30 अप्रैल तक जवानों को वहां स्थानांतरित कर दिया जाएगा।
इस पर न्यायालय ने राज्य सरकार को अंडरटेकिंग दाखिल करने का निर्देश दिया कि निर्धारित समयसीमा तक वैकल्पिक व्यवस्था कर स्कूल परिसर खाली कर दिया जाएगा।
आर.जी. कर मेडिकल कॉलेज में 9 अगस्त 2024 को ड्यूटी पर तैनात एक पीजी ट्रेनी डॉक्टर के साथ बलात्कार और हत्या की घटना के बाद सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर CISF को अस्पताल की सुरक्षा की जिम्मेदारी सौंपी गई थी।
इसके बाद सितंबर 2024 से CISF जवानों को अस्थायी रूप से पेई मे चीनी स्कूल में ठहराया गया था, जो प्रारंभिक रूप से दो महीने के लिए था, लेकिन अवधि बढ़ने पर स्कूल प्रबंधन ने अदालत का दरवाजा खटखटाया।

