केरल हाईकोर्ट ने कोचीन देवस्वम बोर्ड (Cochin Devaswom Board) को निर्देश दिया है कि वह चोत्तानिक्करा भगवती मंदिर परिसर को हर समय साफ, स्वच्छ और सुव्यवस्थित बनाए रखने के लिए आवश्यक और निरंतर प्रयास सुनिश्चित करे।
यह आदेश अदालत ने Suchitwa Mission द्वारा मंदिर परिसर में ठोस और तरल कचरा निपटान की मौजूदा व्यवस्था की जांच के बाद सौंपी गई रिपोर्ट पर विचार करते हुए पारित किया। रिपोर्ट में मंदिर परिसर में ठोस कचरा प्रबंधन, तरल अपशिष्ट नियंत्रण और अन्य स्वच्छता उपायों से जुड़ी कई सिफारिशें दी गई हैं।
चोत्तानिक्करा भगवती मंदिर वैष्णव संप्रदाय के 108 अभिमान क्षेत्रम में से एक माना जाता है और इसका धार्मिक महत्व अत्यधिक है।
हाईकोर्ट ने पिछले साल दिसंबर में मंदिर परिसर की स्थिति पर गंभीर चिंता जताई थी और टिप्पणी की थी कि मंदिर के आसपास की स्थिति “दयनीय” है, जहाँ प्लास्टिक कचरा, खाने के अवशेष और कूड़ा-करकट बेतरतीब ढंग से फैला हुआ है। कोर्ट ने यह भी कहा था कि मंदिर प्रशासन द्वारा अपनाए गए कदम पूरी तरह से अपर्याप्त हैं और यह धार्मिक रूप से महत्वपूर्ण स्थान पर पर्यावरण, सार्वजनिक स्वास्थ्य और स्वच्छता को लेकर गंभीर चिंता पैदा करते हैं।
इसी के आधार पर अदालत ने Suchitwa Mission को स्थल निरीक्षण कर रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दिया था।
अब हाईकोर्ट ने देवस्वम बोर्ड को निर्देश दिया है कि वह Suchitwa Mission की रिपोर्ट की विस्तृत समीक्षा करे और यह बताए कि रिपोर्ट में दिए गए सुझावों को वह किस प्रकार और किस समय सीमा के भीतर लागू करेगा। अदालत ने इस संबंध में विस्तृत वक्तव्य दायर करने का निर्देश देते हुए अगली सुनवाई की तारीख 20 फरवरी तय की है।

