गुरुवार को केरल हाईकोर्ट ने अंतरिम आदेश पारित करते हुए केरल विश्वविद्यालय के वर्तमान छात्र संघ को 27 फरवरी तक अपना एक वर्ष का कार्यकाल पूरा करने की अनुमति दी और उन्हें पहले से निर्धारित कला महोत्सव आयोजित करने की भी इजाजत दी। कोर्ट ने विश्वविद्यालय को इन आयोजनों के लिए आवश्यक फंड जारी करने का भी निर्देश दिया।
यह आदेश छात्र संघ अध्यक्ष अश्विन एस. नायर की याचिका पर दिया गया, जिसमें कहा गया था कि विश्वविद्यालय के नियमों के अनुसार छात्र संघ का कार्यकाल गठन की तारीख से 12 महीने का होता है और यह अवधि 27 फरवरी को पूरी हो रही है। यह याचिका विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. मोहनन कुनुम्मल द्वारा मौजूदा छात्र संघ को भंग करने, नया संघ गठित करने और पहले से स्वीकृत कला महोत्सव की अनुमति निरस्त करने के आदेश के खिलाफ दायर की गई थी।
याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ता टी. बी. हूड ने स्पष्ट किया कि याचिका में कुलपति के आदेश को सीधे चुनौती नहीं दी गई है, बल्कि केवल यह अनुरोध किया गया है कि वर्तमान छात्र संघ को अपना कार्यकाल पूरा करने और प्रस्तावित कार्यक्रम आयोजित करने की अनुमति दी जाए।
कोर्ट ने विश्वविद्यालय के वकील को निर्देश दिया कि वे इस याचिका पर आवश्यक निर्देशों के साथ 16 फरवरी को अदालत के समक्ष प्रस्तुत हों। साथ ही कुलपति को विशेष दूत के माध्यम से नोटिस भेजने का आदेश दिया गया।
कुलपति के आदेश के बाद छात्र संगठन स्टूडेंट्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (SFI), जो कि माकपा की छात्र शाखा है, ने विश्वविद्यालय परिसर में तीव्र विरोध प्रदर्शन किया। हाईकोर्ट के अंतरिम आदेश के बाद SFI कार्यकर्ताओं ने कुलपति के आवास के बाहर प्रदर्शन किया।
अब इस मामले की अगली सुनवाई 16 फरवरी को होगी।

