दिल्ली की मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण (MACT) ने एक व्यक्ति को ₹68.56 लाख का मुआवज़ा देने का आदेश दिया है, जिसने एक सड़क हादसे में अपना दायां पैर खो दिया था। यह दुर्घटना वर्ष 2021 में बवाना क्षेत्र में एक तेज़ रफ्तार ट्रक से टकराने के कारण हुई थी।
प्रेसाइडिंग ऑफ़िसर सुनील कुमार ने 4 फरवरी को यह आदेश जारी किया, जिसमें उन्होंने पवन कुमार द्वारा दायर दावे को स्वीकार करते हुए मुआवज़ा निर्धारित किया। पवन कुमार 8 जून 2021 को पूठ खुर्द स्थित वाल्मीकि अस्पताल के पास मोटरसाइकिल से जा रहे थे, तभी एक तेज़ रफ्तार ट्रक ने उन्हें टक्कर मार दी।
इस हादसे में पवन कुमार को गंभीर चोटें आईं और उनका दायां पैर काटना पड़ा। अधिकरण ने पाया कि ट्रक चालक (उत्तरदाता संख्या 1) की लापरवाही और तेज़ रफ्तार से गाड़ी चलाने के कारण यह दुर्घटना हुई।
आदेश में कहा गया, “यह सिद्ध हो चुका है कि यह दुर्घटना उत्तरदाता संख्या 1 द्वारा लापरवाहीपूर्वक वाहन चलाने के कारण हुई और याचिकाकर्ता को गंभीर चोटें आईं।”
चिकित्सा दस्तावेजों के आधार पर अधिकरण ने पाया कि पवन कुमार को उनके दाहिने निचले अंग में 80% स्थायी विकलांगता हुई है। इसे संपूर्ण शरीर के लिए 40% कार्यात्मक अक्षमता माना गया।
अधिकरण ने कहा, “इस प्रकार का विच्छेदन निश्चित रूप से जीवन भर उसकी दैनिक गतिविधियों और आय अर्जन की क्षमता को प्रभावित करेगा। अतः संपूर्ण शरीर के संदर्भ में कार्यात्मक विकलांगता 40 प्रतिशत मानी गई है।”
अधिकरण ने निम्नलिखित मदों के अंतर्गत मुआवज़ा तय किया:
- भविष्य की आय में नुकसान
- इलाज का खर्च
- विशेष आहार और आने-जाने का खर्च
- परिचारक शुल्क
- दर्द व पीड़ा
- मानसिक आघात व कुरूपता
- भविष्य की कठिनाइयाँ
इन सभी मदों को ध्यान में रखते हुए कुल ₹68.56 लाख का मुआवज़ा निर्धारित किया गया।
अधिकरण ने यह भी उल्लेख किया कि दुर्घटना के समय ट्रक बीमित था। इसलिए बीमा कंपनी को निर्देश दिया गया है कि वह तय मुआवज़े की राशि अदालत में जमा करे।

