कोलकाता की एक सत्र अदालत ने गुरुवार को बेलडांगा हिंसा मामले की जांच कर रही राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) की शिकायत पर संज्ञान लेते हुए मुर्शिदाबाद के पुलिस अधीक्षक (SP) को व्यक्तिगत रूप से विस्तृत रिपोर्ट दाखिल करने का निर्देश दिया है।
NIA के उप अधीक्षक सरोज भट्टाचार्य ने अदालत में अर्जी दाखिल कर आरोप लगाया कि राज्य पुलिस के बेलडांगा थाने के जांच अधिकारी ने मामले से संबंधित महत्वपूर्ण दस्तावेज़ और सामग्री केंद्रीय एजेंसी को नहीं सौंपी है, जबकि अदालत ने 30 जनवरी को ऐसा करने का निर्देश दिया था।
इस पर मुख्य न्यायाधीश सुकुमार रे ने मुर्शिदाबाद SP को 12 फरवरी को अगली सुनवाई से पहले व्यक्तिगत रिपोर्ट दाखिल करने को कहा। साथ ही, बेलडांगा थाने के जांच अधिकारी को भी व्यक्तिगत रूप से अदालत में पेश होकर यह बताने को कहा गया है कि उन्होंने दस्तावेज़ NIA को क्यों नहीं सौंपे। जांच अधिकारी को इस बाबत लिखित स्पष्टीकरण भी देने का निर्देश दिया गया है।
अदालत ने यह आदेश उस वक्त दिया जब मुर्शिदाबाद जेल अधीक्षक ने बताया कि 31 अभियुक्तों को गुरुवार को अदालत में पेश नहीं किया जा सका क्योंकि पुलिस ने उनके लिए सुरक्षा और एस्कॉर्ट की व्यवस्था नहीं की थी। इस पर न्यायाधीश ने SP को यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया कि अगली सुनवाई पर सभी अभियुक्तों की पेशी के लिए उचित बंदोबस्त किया जाए।
जनवरी के दूसरे सप्ताह में झारखंड में एक प्रवासी मज़दूर की कथित मौत के बाद बेलडांगा में हिंसा भड़क उठी थी। 16 जनवरी को प्रदर्शनकारियों ने NH-12 पर छह घंटे तक रास्ता रोका। इस दौरान एक महिला पत्रकार के साथ भी दुर्व्यवहार किया गया।
17 जनवरी को बिहार में एक प्रवासी मज़दूर के साथ कथित बदसलूकी के विरोध में क्षेत्र में फिर से सड़क और रेल मार्गों को बाधित किया गया। हालात पर बाद में काबू पाया गया और अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती कर इलाके में फ्लैग मार्च कराया गया।
पुलिस ने इन घटनाओं के सिलसिले में 31 लोगों को गिरफ्तार किया था। गंभीरता को देखते हुए मामला बाद में एनआईए को सौंपा गया था।

