बॉम्बे हाईकोर्ट ने पार्श्वगायक कुमार सानू की पूर्व पत्नी रीता भट्टाचार्य को उनके खिलाफ मानहानिपूर्ण टिप्पणियां करने से अंतरिम रूप से रोक दिया है। यह आदेश ₹50 करोड़ के मानहानि मुकदमे के तहत दिया गया है, जिसे सानू ने कथित झूठे और अपमानजनक बयानों के प्रसार को लेकर दायर किया था।
न्यायमूर्ति मिलिंद जाधव की एकल पीठ ने 17 जनवरी को सुनवाई करते हुए कहा कि प्रथम दृष्टया, भट्टाचार्य द्वारा दिए गए बयान “स्पष्ट रूप से एक निजी हमला” प्रतीत होते हैं। कोर्ट ने भट्टाचार्य और कुछ स्वतंत्र मीडिया संस्थानों को कुमार सानू या उनके परिवार के संबंध में कोई भी नया मानहानिपूर्ण, झूठा या अपमानजनक बयान लिखने, पोस्ट करने या प्रसारित करने से रोक दिया।
सिंगर ने अपनी याचिका में कहा है कि सितंबर 2025 में रीता भट्टाचार्य ने कई यूट्यूब चैनलों को इंटरव्यू दिए, जिनमें उन्होंने वैवाहिक जीवन के दौरान सानू के व्यवहार को लेकर आपत्तिजनक आरोप लगाए। ये इंटरव्यू सोशल मीडिया पर व्यापक रूप से प्रसारित हुए, जिससे उनकी छवि को गहरा नुकसान पहुंचा।
सानू और भट्टाचार्य कानूनी रूप से अलग हो चुके हैं। सानू ने कोर्ट को बताया कि इन आरोपों के चलते उन्हें मानसिक पीड़ा और निजी क्षति हुई है, साथ ही विदेशों में होने वाले कई कार्यक्रम भी रद्द हो गए। उन्होंने यह भी बताया कि उन्होंने पुनर्विवाह किया है और अपने नए परिवार की प्रतिष्ठा की रक्षा के लिए यह मुकदमा दायर करना आवश्यक हो गया।
भट्टाचार्य की ओर से अधिवक्ता आतिफ शेख ने कोर्ट से अनुरोध किया कि मामला मध्यस्थता को भेजा जाए, यह कहते हुए कि हाल ही में दोनों के बेटे का विवाह हुआ है। कोर्ट ने इस आग्रह को रिकॉर्ड में लिया, लेकिन यह स्पष्ट किया कि भट्टाचार्य को तत्काल किसी भी प्रकार की नई मानहानिपूर्ण टिप्पणी से परहेज करना होगा और सानू की छवि को और नुकसान नहीं पहुंचाना चाहिए।
मामले की अगली सुनवाई 28 जनवरी को निर्धारित की गई है।

