दिल्ली हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया है कि यदि वादी ने घोषणात्मक डिक्री (Declaratory Decree) के साथ-साथ स्थायी और अनिवार्य निषेधाज्ञा (Injunction) की आनुषांगिक राहत भी मांगी है, तो विनिर्दिष्ट अनुतोष अधिनियम (Specific Relief Act – SRA), 1963 की धारा 34 का परंतु (Proviso) वाद को बाधित नहीं करता है। जस्टिस पुरुषेंद्र कुमार कौरव की पीठ
