रियाद में संदिग्ध मौत: शव लाने में देरी पर राजस्थान हाईकोर्ट सख्त, सऊदी दूतावास और विदेश मंत्रालय को नोटिस

राजस्थान हाईकोर्ट ने एक मां की पीड़ा को समझते हुए गुरुवार को कड़ा रुख अपनाया। कोर्ट ने सऊदी अरब में बालोतरा निवासी रमेश मेघवाल की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत के बाद उनका शव भारत लाने में हो रही देरी पर सऊदी दूतावास (नई दिल्ली) से जवाब तलब किया है।

हाईकोर्ट की जोधपुर पीठ की न्यायमूर्ति नूपुर भाटी ने मृतक की मां तेजू बाई द्वारा दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए यह आदेश पारित किया। याचिका में परिवार ने अपनी व्यथा व्यक्त की है कि 13 नवंबर को रमेश मेघवाल की मृत्यु होने के बावजूद, इतने दिनों बाद भी वे अपने बेटे का अंतिम संस्कार नहीं कर पाए हैं।

मामले की गंभीरता को देखते हुए, कोर्ट ने प्रक्रिया में तेजी लाने के लिए उच्च अधिकारियों से जवाब मांगना आवश्यक समझा। कोर्ट ने विदेश सचिव विक्रम मिश्री के माध्यम से केंद्र सरकार, विदेश मंत्रालय (विशेष रूप से खाड़ी देशों के प्रभारी संयुक्त सचिव) और विदेश मंत्रालय के कांसुलर सेवा प्रबंधन प्रणाली को नोटिस जारी किया है। इसके अतिरिक्त, राजस्थान सरकार को भी उसके गृह सचिव के माध्यम से नोटिस दिया गया है।

सुनवाई के दौरान, केंद्र सरकार का प्रतिनिधित्व कर रहे अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल (ASG) भरत व्यास ने सऊदी अरब के अधिकारियों से प्राप्त एक ईमेल का हवाला दिया। उन्होंने पीठ को सूचित किया कि प्रारंभिक जानकारी से पता चलता है कि मेघवाल ने आत्महत्या की थी। उन्होंने आगे कहा कि रियाद पुलिस अभी भी मामले की जांच कर रही है, जिसके कारण शव को रिलीज करने की प्रक्रिया में देरी हो रही है।

ASG व्यास ने कोर्ट को आश्वासन दिया कि भारतीय अधिकारी सऊदी अरब में अपने समकक्षों के साथ सक्रिय रूप से इस मुद्दे को उठा रहे हैं ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि पार्थिव शरीर जल्द से जल्द भारत लाया जा सके।

अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल द्वारा दिए गए आश्वासनों के बावजूद, न्यायमूर्ति भाटी ने “न्याय के हित में” सऊदी दूतावास और संबंधित भारतीय विदेश नीति अधिकारियों को औपचारिक रूप से नोटिस जारी करना उचित माना। इस कदम को कूटनीतिक बाधाओं को दूर करने और शोक संतप्त परिवार की पीड़ा को कम करने के लिए एक न्यायिक प्रयास के रूप में देखा जा रहा है।

रमेश मेघवाल की मौत का मामला तब सुर्खियों में आया जब राजस्थान बीज निगम के पूर्व निदेशक चर्मेश शर्मा ने इस मामले में हस्तक्षेप किया। शर्मा ने 25 नवंबर को राष्ट्रपति सचिवालय में याचिका दायर कर तत्काल कार्रवाई की मांग की थी।

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शर्मा की याचिका के जवाब में, सऊदी अरब में भारतीय दूतावास ने 26 नवंबर को एक आधिकारिक उत्तर भेजा था, जिसमें पुष्टि की गई थी कि स्थानीय सऊदी पुलिस मौत की जांच कर रही है, जिससे शव को तत्काल सौंपने का काम रुका हुआ है। अब हाईकोर्ट के आदेश ने इस मामले को न्यायिक जांच के दायरे में ला दिया है।

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