सबरीमाला सोने की कथित हानि पर CBI जांच की मांग: BJP अध्यक्ष राजीव चंद्रशेखर ने केरल हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया

सबरीमाला मंदिर से सोने की कथित हानि को लेकर बीजेपी के राज्य अध्यक्ष राजीव चंद्रशेखर ने केरल हाईकोर्ट में याचिका दायर करते हुए जांच को केंद्रीय ब्यूरो (CBI) को सौंपने की मांग की है। उनका कहना है कि विशेष जांच दल (SIT) की मौजूदा जांच प्रभावी नहीं है और इससे जुड़े प्रभावशाली लोग इसे प्रभावित कर सकते हैं।

सोमवार को जस्टिस राजा विजयाराघवन और जस्टिस के वी जयरकुमार की खंडपीठ ने याचिका में कुछ त्रुटियों की ओर इशारा किया और कहा कि इसे अगले हफ्ते फिर से विचार के लिए सूचीबद्ध किया जाएगा।

“जांच राज्य की सीमाओं से परे जाती है, इसलिए CBI जरूरी” — याचिकाकर्ता

चंद्रशेखर ने अपने आवेदन में कहा कि मंदिर से निकला सोना कथित रूप से कई राज्यों में वितरित हुआ और इस प्रक्रिया में केरल के बाहर के लोग और संस्थान शामिल थे। इसलिए, “समग्र जांच” केवल CBI जैसी केंद्रीय एजेंसी ही कर सकती है।

उन्होंने आरोप लगाया कि त्रावणकोर देवस्वम बोर्ड (TDB) में ऐसे लोग नियुक्त हैं जिनका स्पष्ट राजनीतिक झुकाव राज्य की सत्ताधारी पार्टी की ओर है, और सत्ता गलियारों में प्रभाव रखने वाले कुछ लोगों को भी इस प्रक्रिया से लाभ मिला।

याचिका में SIT की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए गए। चंद्रशेखर का कहना है कि जब कथित अपराध राज्य की सीमाओं से बाहर फैला है, तो केवल राज्य-स्तरीय टीम द्वारा की जा रही जांच पर्याप्त नहीं हो सकती।

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उन्होंने यह भी दावा किया कि सरकार द्वारा नियुक्त बोर्ड सदस्य जांच के दौरान बचाए जा सकते हैं और SIT द्वारा बोर्ड सदस्यों से पूछताछ का तरीका इन आशंकाओं को मजबूत करता है। याचिका में मीडिया रिपोर्टों का हवाला भी दिया गया, जिनमें कहा गया था कि TDB के एक पूर्व सदस्य के IPS अधिकारी बेटे द्वारा जांच को प्रभावित करने की कोशिश की जा रही है। यह भी CBI जांच की आवश्यकता को और मजबूत करता है।

चंद्रशेखर ने TDB की संपत्तियों का विस्तृत ऑडिट कराने की भी मांग की है।

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पूर्व TDB अध्यक्ष पद्मकुमार ने बेल मांगी

इधर, सोने की हानि मामले में SIT द्वारा गिरफ्तार किए गए पूर्व TDB अध्यक्ष ए. पद्मकुमार ने कोल्लम विजिलेंस कोर्ट में जमानत याचिका दायर की है। उनका कहना है कि ‘द्वारपालक’ प्रतिमाओं के स्वर्ण-मढ़ित पट्टों और श्रीकोविल (गरभगृह) के सोने जड़े दरवाज़े के फ्रेम को मुख्य आरोपी उन्नीकृष्णन पोट्‍टी को सौंपने का निर्णय बोर्ड का सामूहिक निर्णय था, लेकिन कार्रवाई केवल उन्हीं पर की गई है।

उनकी जमानत याचिका पर मंगलवार को सुनवाई होगी।

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SIT की चल रही जांच

हाईकोर्ट द्वारा गठित SIT मंदिर के ‘द्वारपालक’ और श्रीकोविल डोर फ्रेम से जुड़े सोने की हानि के दो मामलों की जांच कर रही है। अब तक छह लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है।

हाईकोर्ट बुधवार को जांच की प्रगति रिपोर्ट की समीक्षा करेगा।

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