आंध्र प्रदेश हाईकोर्ट ने एक वाणिज्यिक न्यायालय अपील (Commercial Court Appeal) को खारिज करते हुए एक विशेष न्यायालय के उस आदेश को बरकरार रखा है, जिसने एक मध्यस्थ (Arbitrator) के कार्यकाल को बढ़ाया था। हाईकोर्ट ने इस कानूनी सिद्धांत की पुष्टि की कि मध्यस्थता और सुलह अधिनियम, 1996 (संक्षेप में “अधिनियम, 1996”) की धारा 29-ए(5)
