मद्रास हाईकोर्ट ने एक महत्वपूर्ण फैसले में कहा है कि एक रजिस्टर्ड दस्तावेज़ की “वास्तविक प्रकृति” (true nature) का पता लगाने के लिए मौखिक साक्ष्य (oral evidence) स्वीकार्य हैं। हाईकोर्ट ने माना कि साक्ष्य अधिनियम, 1872 की धारा 91 और 92, किसी पक्ष को यह साबित करने से नहीं रोकती कि बिक्री समझौता (Sale Agreement)
