आंध्र प्रदेश हाईकोर्ट ने 9 अक्टूबर, 2025 को एक महत्वपूर्ण फैसले में यह स्पष्ट किया है कि किसी अस्पताल या डॉक्टर को “पेशेवर क्षतिपूर्ति मेडिकल प्रतिष्ठान पॉलिसी” (professional indemnity policy) जारी करने वाली बीमा कंपनी, मेडिकल लापरवाही का आरोप लगाते हुए रोगी द्वारा दायर उपभोक्ता शिकायत में न तो “आवश्यक पक्ष” (necessary party) है और
