केरल हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया है कि विवाहिता महिलाओं द्वारा ससुराल में सौंपे गए गहनों की वापसी के लिए दायर याचिकाओं पर विचार करते समय अदालतों को व्यावहारिक और यथार्थवादी दृष्टिकोण अपनाना चाहिए, क्योंकि ऐसे मामलों में घरेलू और पारिवारिक वास्तविकताओं को नज़रअंदाज़ नहीं किया जा सकता। न्यायमूर्ति देवन रामचंद्रन और न्यायमूर्ति एम.बी. स्नेहलता की
