दिल्ली हाईकोर्ट ने ‘अंदाज़ अपना अपना’ की बौद्धिक संपदा के अनधिकृत उपयोग पर लगाई रोक, विनय पिक्चर्स को अंतरिम राहत

दिल्ली हाईकोर्ट ने 1994 में रिलीज़ हुई हिंदी फिल्म अंदाज़ अपना अपना से जुड़ी बौद्धिक संपदा (IP) के अनधिकृत उपयोग पर रोक लगाते हुए फिल्म के निर्माता विनय पिक्चर्स को अंतरिम राहत प्रदान की है। न्यायमूर्ति अमित बंसल ने यह एकपक्षीय अंतरिम आदेश 14 मई को पारित किया।

कोर्ट के आदेश में कहा गया है कि याचिकाकर्ता ने prima facie (प्रथम दृष्टया) एक मज़बूत मामला पेश किया है और यदि राहत नहीं दी गई तो उसे अपूरणीय क्षति हो सकती है। कोर्ट ने यह भी माना कि फिल्म की लोकप्रियता आज भी कायम है और इसके पात्रों, संवादों व दृश्य सामग्री का अनधिकृत व्यावसायिक दोहन हो रहा है।

अंतरिम आदेश के तहत ज्ञात और अज्ञात सभी व्यक्तियों को फिल्म या उसके प्रसिद्ध पात्रों और संवादों पर आधारित किसी भी प्रकार की सामग्री—चाहे वह वीडियो हो, छवि हो या AI द्वारा बनाई गई हो—को होस्ट करने, स्ट्रीम करने, प्रसारित करने या बनाने से रोका गया है। इस आदेश की परिधि में “क्राइम मास्टर गोगो,” “तेजा,” “अमर,” और “प्रेम” जैसे पात्र और “ऐला!” तथा “ऊई मां!” जैसे ट्रेडमार्क संवाद शामिल हैं।

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कोर्ट ने यूट्यूब की मूल कंपनी गूगल एलएलसी को भी निर्देश दिया है कि वह उल्लंघन करने वाले वीडियो, शॉर्ट्स या अन्य सामग्री को हटाए या उसकी पहुँच को अवरुद्ध करे।

विनय पिक्चर्स ने अपनी याचिका में कहा कि उसके पास फिल्म के साहित्यिक, नाटकीय और कलात्मक कार्यों के सभी अधिकार हैं, और उसने कई तृतीय-पक्ष विक्रेताओं से वैध व्यावसायीकरण के लिए समझौते भी किए हैं। इसके बावजूद, कई ऑनलाइन प्लेटफ़ॉर्म बिना अनुमति के टी-शर्ट, मग, पोस्टर, नोटबुक और AI-जनित मीडिया जैसी सामग्री बेच रहे हैं, जिनमें फिल्म के तत्व शामिल हैं।

निर्माता कंपनी ने यह भी कहा कि आमिर ख़ान और सलमान ख़ान अभिनीत यह फिल्म आज भी सांस्कृतिक रूप से अत्यंत प्रासंगिक है, खासकर इसके हालिया पुनः-रिलीज के बाद।

यह मामला अभी अदालत में विचाराधीन है, लेकिन अंतरिम आदेश यह स्पष्ट संकेत देता है कि जेनरेटिव एआई और ई-कॉमर्स के युग में प्रतिष्ठित फिल्मों की बौद्धिक संपदा के दुरुपयोग को सहन नहीं किया जाएगा।

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