पॉडकास्टर रणवीर अल्लाबादिया ने शो में शालीनता बनाए रखने का दिया वचन, सुप्रीम कोर्ट से पासपोर्ट वापसी की अपील

पॉडकास्टर रणवीर अल्लाबादिया ने अपने डिजिटल शो में शालीनता बनाए रखने का वचन सुप्रीम कोर्ट में दायर एक हलफनामे के जरिए मंगलवार को दिया। वरिष्ठ अधिवक्ता अभ‍िनव चंद्रचूड़ के माध्यम से प्रस्तुत इस वचन में अल्लाबादिया ने कहा है कि वे अपने कार्यक्रमों में मर्यादित भाषा और शिष्टता का पालन करेंगे, जो इस समय कानूनी जांच के दायरे में हैं।

यह मामला यूट्यूब शो “इंडियाज़ गॉट लेटेंट” में कॉमिक समय रैना के साथ एक अतिथि के रूप में अल्लाबादिया की टिप्पणियों से जुड़ा है। ‘बीयरबाइसेप्स’ के नाम से प्रसिद्ध अल्लाबादिया की कुछ टिप्पणियों को आपत्तिजनक माना गया, जिससे भारी आलोचना हुई और महाराष्ट्र तथा असम में उनके खिलाफ कानूनी मुकदमे दर्ज हुए।

सुनवाई के दौरान, चंद्रचूड़ ने सुप्रीम कोर्ट द्वारा पासपोर्ट जमा कराने की शर्त में ढील देने की मांग की। उन्होंने तर्क दिया कि उनके मुवक्किल के पेशेवर दायित्व, जैसे कि इंटरव्यू के लिए अंतरराष्ट्रीय यात्राएं, इस प्रतिबंध से बाधित हो रहे हैं।

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हालांकि, न्यायमूर्ति सूर्यकांत और न्यायमूर्ति एन. कोटिश्वर सिंह ने इस बात पर चिंता जताई कि अंतरराष्ट्रीय यात्रा से चल रही जांच प्रभावित हो सकती है। सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता, जो संबंधित राज्यों की ओर से पेश हुए, ने बताया कि जांच लगभग दो हफ्तों में पूरी हो सकती है। इसके बाद पीठ ने पासपोर्ट से जुड़े निर्णय को फिलहाल स्थगित कर दिया।

यह सुनवाई 3 मार्च को दिए गए उस आदेश के बाद हुई है, जिसमें सुप्रीम कोर्ट ने अल्लाबादिया को अपने पॉडकास्ट “द रणवीर शो” को जारी रखने की अनुमति दी थी, बशर्ते कि उसका कंटेंट सभी आयु वर्गों के लिए “नैतिकता और शालीनता” के मानकों के अनुरूप हो।

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इस मामले में अन्य लोकप्रिय कॉमेडी शख्सियतें जैसे कि आशीष चंचलानी, जसप्रीत सिंह और अपूर्वा माखिजा के नाम भी शामिल हैं, जिन्हें अल्लाबादिया और रैना के साथ नामित किया गया है। कोर्ट पहले ही अल्लाबादिया को गिरफ्तारी से अंतरिम सुरक्षा प्रदान कर चुकी है, हालांकि उनकी टिप्पणियों को “अश्लील” और “गंदे मन की उपज” बताते हुए कड़ी आलोचना भी की थी, यह कहते हुए कि ऐसे बयान सामाजिक मर्यादाओं को ठेस पहुंचाते हैं।

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