न्यायमूर्ति जे.के. माहेश्वरी और न्यायमूर्ति राजेश बिंदल की एक सर्वोच्च न्यायालय की पीठ ने एक महत्वपूर्ण निर्णय दिया, जिसमें कहा गया कि निदेशक को उनके त्यागपत्र के पश्चात कंपनी द्वारा जारी किए गए चेक के लिए परक्राम्य लिखत अधिनियम, 1881 की धारा 141 के अंतर्गत उत्तरदायी नहीं ठहराया जा सकता। अधिराज सिंह द्वारा दायर अपीलों
