हाल के एक कानूनी घटनाक्रम में, न्यायमूर्ति क्षितिज शैलेन्द्र की अध्यक्षता में इलाहाबाद हाईकोर्ट ने सार्वजनिक कर्मचारियों के लिए सेवानिवृत्ति के बाद के लाभों को रोकने के खिलाफ तीखी फटकार लगाई। याचिकाकर्ता, राम कुमार, एक पूर्व सफाई कर्मचारी (स्वच्छता कार्यकर्ता) की सेवाएं 1990 में नियुक्त होने के बाद 2008 में नियमित कर दी गई थीं।
