पैदल यात्री की लापरवाही के कारण मोटर दुर्घटना होने पर कौन जिम्मेदार होगा?

मुंबई की एक अदालत ने फैसला सुनाया है कि लापरवाही से वाहन चलाने के मामलों में, वाहन के चालक पर कोई आपराधिक दायित्व नहीं लगाया जा सकता है, यदि दुर्घटना पैदल यात्री की लापरवाही के कारण हुई है।

बेंच के मुताबिक पैदल या सड़क पार करते समय पैदल चलने वालों को एहतियात बरतनी चाहिए। यदि पैदल चलने वालों की लापरवाही के कारण कोई दुर्घटना होती है, तो वाहन चालक पर आपराधिक दायित्व तय नहीं किया जा सकता।

पृष्ठभूमि:-

शिकायतकर्ता अपने कार्यालय की ओर जा रहा था कि तभी पीछे से एक चार पहिया वाहन ने आकर उसे टक्कर मार दी, और वह सड़क पर गिर गई, और वाहन का बायां टायर उसके पैर के ऊपर से निकला, जिससे उसका दाहिना अंगूठा टूट गया। उसने उस कार का नंबर नोट कर लिया जिसे एक महिला चला रही थी।

एक शिकायत दर्ज की गई, और चालक (स्वप्निला) पर लापरवाही से गाड़ी चलाने का मामला दर्ज किया गया।

दलीलें:-

अभियोजन पक्ष के अनुसार साक्ष्यों से पता चलता है कि आरोपी ने लापरवाही की और इसलिए हादसा हुआ।

चालक के वकील ने तर्क दिया कि यह साबित करने के लिए कुछ भी नहीं है कि स्वप्निला कार चला रही थी, और यह भी साबित नहीं हुआ है  कि उसकी ओर से लापरवाही थी।

न्यायालय की टिप्पणियां: –

कोर्ट ने कहा कि प्रतिवादी यह दिखाने में विफल रही है कि वह पैदल पथ का उपयोग कर रही थी। आगे यह भी कहा गया कि शीयकायत्कर्ता की गवाही सामान्य और अस्पष्ट थी, और उसने दुर्घटना के सटीक कारण के बारे में विस्तार से नहीं बताया।

आदेश:-

सभी तथ्यों की समीक्षा करने के बाद, अदालत ने निष्कर्ष निकाला कि कथित दुर्घटना में आरोपी की भूमिका साबित करने के लिए कुछ भी विश्वसनीय नहीं था। अभियोजन पक्ष ने वाहन की लापरवाही से ड्राइविंग को निर्धारित करने के लिए कोई वास्तविक विवरण सामने नहीं रखा। अतः कोर्ट ने वहां चालक महिला को बरी कर दिया

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